Holashtak kya hota hai | होलाष्टक क्या होता है 2022

दोस्तों आज मैं आपको Holashtak के बारे में बताने वाला हूं कि आखिर Holashtak kya hota hai और भला स्टॉक कब से लगने वाला है 2022 मैं । Holashtak 3 मार्च से प्राप्त होता है और होलाष्टक केजीएन कोई भी सुबह कार्य नहीं किया जाता है और आखिर इस होलाष्टक में ऐसा क्या होता है जिसके वजह से शुभ कार्य नहीं किया जाता है इनके बारे में आज आपको पूरी जानकारी मिलने वाला है ।

Holashtak kya hota hai ( होलाष्टक क्या होता है ‌)

Holashtak kya hota hai
Holashtak kya hota hai

फाल्गुन शुक्ला अष्टमी में Holashtak लग जाता है और इस फल अष्टक लगने की वजह से कुछ ग्रह हो अपने रूप को बदल देते हैं । ग्रहों की इस बदलाव में किसी प्रकार का हो गया कार्य नहीं किया जाता है और अष्टमी तिथि को चंद्रमा अपने रूप बदल देता है वैसे नवमी को सॉरी और दशमी को सनी अपने रूप बदलता है । एकादशी को शुक्रवार अपने रूप बदलता है और तू आता है उसी को बृहस्पति अपने रूप बदलता है और त्रयोदशी को बोध और चतुर्दशी को मंगल अपने रूप बदलते हैं ।

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पूर्णिमा के दिन राहु अपने रूप बदलता है और इस रूप बदलने से किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं किया जाता है ‌। जगदीश की आधार अनुसार होली से 8 दिन तक न्यूज़ सुबह कार्य किया जाता है वह नहीं किया जाता है । अगर आप इस समय कोई भी सुबह कार्य करना चाहते हो तो ना करें इसे आपके लिए वह सही नहीं माध्यम होगा ।

Holashtak मैं कौन सा शुभ करियो ना करें ?

Holashtak kya hota hai
Holashtak kya hota hai

जब Holashtak लगता है तो उसके बाद भी वाह करियो ना करें , गृह निर्माण उसी समय ना करें साथी नववधू का आना या अपने ससुराल जाना बंद करें इसी समय में । उसी समय किसी भी प्रकार का मंगल कार्य ना करें और उनमें से जो सोलह संस्कार माना जाता है वह बि ना करें । यह अनुष्ठान ऐसे भी शुभ कार्य ना करें Holashtak के प्रारंभ से होली तक किसी भी शुभ कार्य ना करें । साथ साथ में आप यह चीज का विशेष ध्यान रखें कि होलाष्टक मैं अक्सर लोग नित्य करने वाले पूजा पाठ कर सकते हो और कुछ ऐसे विशेष कार्य होता है वह शुभ कार्य इस हाला स्टिक के दिन में ना करें Holashtak kya hota hai ।

ज्यादा तरह लास्ट ट्रक 3 मार्च से शुरुआत होता है 9 तारीख तक और इसका प्रभाव भारत में देखने को मिलता है कि जब प्रकृति में ग्रहो इस प्रकार बना होने का और जो हो बनाने वाला प्रक्रिया जो होता है को ग्रह करता है । अगर कोई हल अष्टक के दिन सुबह कार्य करता है तो उसका फल आप हालत सही नहीं होता इसलिए ज्योतिष के अनुसार प्लास्टर की दी है किसी प्रकार की सुबह कारण नहीं किया जाए ।

होलाष्टक कब से मनाया जाता है ?

होलाष्टक होली से 8 दिन पहले इस होलाष्टक कहां शुरुआत होता है । होलाष्टक का शुरुआत होली से पहले हो जाती है और इस पर में किसी भी प्रकार का सुबह कार्य नहीं किया जाता है । 8 दिन पहले वाले इस पर्व को होलाष्टक कहा जाता है और इसी समय में होली का तैयारी शुरू हो जाती है । होली का पर्व जो कि बहुत ही बड़ा पर होता है जो हमारी भारतीय राजू मनोज की बात करें तो 3 Festival हमारी सबसे बड़ा पर्व है इनमें से । होली , दीपावली और दशहरा जो कि हमारी भारतीय परंपरा की एक बड़ा फेस्टिवल है ।

होली में विशेष तैयारी होती है साथ ही अलग-अलग तरह की पूजा पाठ किया जाता है और अलग-अलग तरह की व्यवस्था किया जाता है ‌। इन सारे तैयारियां होलाष्टक में शुरू हो जाती है और ऐसा माना जाता है कि होलाष्टक के शुरुआत वाले दिन भगवान शिव ने कामदेव को हरा दिया था ।

Holashtak क्यों मनाया जाता है ?

एक कथा आती है कि भगवान शिव तपस्या में लीन थे और उनका जागना बहुत जरूरी था ताकि उसका विवाह पार्वती के साथ हो और उसके बाद देवसेना कर दिया का जन्म हो और वो करती के एक को हराए । भगवान शिव ने जब तपस्या पहले थे और उसकी तपस्या भी भंग नहीं हो रहा था तो कामदेव ने उनके ऊपर पांच बार चलाएं और इस देश में भगवान शिव ने उनके नेतृत्व खोलें और सिर दर्द का देशराज नेतृत्व खोला और उसमें कामदेव खो गए ‌Holashtak kya hota hai ।

Holashtak पढ़ने का समय क्या होता है ?

Holashtak kya hota hai
Holashtak kya hota hai

होलाष्टक का जो समय होता है वह अलग-अलग ग्रहों का समय सीमा अलग अलग होता है । इसीलिए होलाष्टक के दिन सुबह कार्य नहीं किया जाता है ऐसा ज्योतिष का मानना है ‌। प्लास्टिक के दिन शुभ कार्य करने से ओशो कार्य शुभ फल नहीं होंगे इसलिए और इस ट्रक के दिन सुबह कारण नहीं किया जाता है ।

होलाष्टक की देन क्या करना चाहिए ?

होलाष्टक कितनी अगर किसी बच्चे का जन्म हुआ और उसकी छुट्टी है लास्ट में पड़ रही है तुमको सुबह कार्य किया कि जाएगा । अगर बच्चे के जन्म होने के बाद हल्ला स्टेट में पड़ता है तो ऐसे में शांति पूर्वक पूजा पाठ भी किया जाता है और इन सारे शुरू करें को छोड़कर बाकी सारे सोगरिया होलाष्टक के दिन नहीं किया जाता है ।

होलाष्टक पर्व का वैज्ञानिक आधार क्या है ?

होलाष्टक परम में जो सुबह कार्य किया जाता है इसके पीछे वैज्ञानिकों का क्या कहना है इसके बारे में जाने –

  • मौसम की परिवर्तन के समय आप दिखे तो ज्यादा लोगों को मन शांति नहीं रहने का मन होता है ।
  • मन अशांत है , सर में भारीपन है , मन उदास है अर मन चंचल है और ऐसे में काम करने का मन नहीं हो रहा है ।
  • अशांत मन से कार्य किया गया कार्यों का शुभ फल नहीं होता है ।
  • प्लास्टिक का वैज्ञानिक बढ़ता है कि उसी समय मन को शांति मिलने वाला काम करना चाहिए ‌।
  • होली के दिन सब कोई अपने उदास मन को खुश करने के लिए होली खेलते हैं और आपकी उदास बरामद खुशी में समा जाता है ।
  • Holashtak kya hota hai ?

होलाष्टक की तीन क्या किया जाता है ?

प्लास्टिक की तीन जमीन में हैं एक दंडा गाड़ा जाता है और होली खेलने वाले होली की खेलने वाली होली को 1 दिन पहले चारों तरफ लकड़िया से दिया जाता है । उसे तीन अलग-अलग चीजों में अलग-अलग तरह की होली खेला जाता है । होलाष्टक में कभी मिट्टी से होली होती है और कभी फूलों की होली होती है और कभी लड्डू की हरी होती है साक्षात लात मारकर भी होली होती है ।

होलाष्टक कहते हैं कौन से देवी देवता की पूजा किया जाता है ?

होलाष्टक पर्व की इस 8 दिन में या तो भगवान शिव की पूजा किया जाता है या तो भगवान कृष्ण के उपासक किया जाता है । उसी समय भगवान को पूजा करने से बहुत शुभ माना जाता है और मंगल कार्य भी माना जाता है । होलाष्टक के दिन अगर आप प्रेम और आनंद के लिए प्रार्थना करते हैं तो ऐसे में आपके सारे प्रयास सफल होते हैं अगर आप होलाष्टक के दिन करते हैं तो ।

Holashtak kya hota hai इससे जुड़े कुछ FAQS :

1. होलाष्टक में कौन कौन से कार्य वर्जित हैं ?

उत्तर : होलाष्टक के दिन आप कुछ भी मंगल कार्य ना करें और इसमें ज्योतिष के द्वारा कहा जाता है कि 16 सरकार जैसे घर बनवाना, मंदिर में पूजा पाठ करना इन सारे कार्य वर्जित किया गया है ।

2. होलाष्टक में क्या क्या नहीं करना चाहिए?

उत्तर : होलाष्टक के दिन किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया जाना चाहिए शुभ नहीं माना जाता है ।

3. क्या हम होलाष्टक के दौरान कपड़े खरीद सकते हैं?

उत्तर : होलाष्टक की इस 8 दिन में आप विवाह करियर , गृह निर्माण ऐसे शुभ कार्य नहीं किया जाता है ।

4. Holashtak kya hota hai ?

उत्तर : होलाष्टक किसी भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है और यह होली के 8 दिन पहले लगता है ।

शेष भाग ( Conclusion) :

आज आप सभी को Holashtak kya hota hai होता है और इससे जुड़े हैं कई सारी जानकारी मिला है । होलाष्टक में कौन सी पूजा करना चाहिए और कौन सी पूजा नहीं है और किन भगवान को पूजा करना चाहिए इन सारे जानकारी आज आपको मिल चुका है । होलाष्टक कितने दिन के लिए लगता है और इस हलास ट्रक में क्या करें ताकि शुभ फल मिले ।

अगर आपको हमारे जानकारी अच्छे लगे तो अपने दोस्तों को साथ शेयर करें और उन लोगों की पता चले कि और अष्टक के दिन क्या-क्या करना चाहिए और क्या नहीं । होलाष्टक क्यू पालन करना चाहिए और इस हाल आज तक में ग्रहों का परिवर्तन कैसे होता है इन सारे के बारे में जानकारी मिला हो ।

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