Bhagwan ko Puja Karne ka sahi Tarika In Hindi | भगवान को पूजा करने का सही तरीका

Bhagwan ko Puja Karne ka sahi tarika क्या है और हम भगवान को किस तरह से पूजित कर सकते हैं । भगवान को ज्यादातर पूजा करने समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन से भगवान को पूजा करना चाहिए इन सभी के बारे में आज आपको जानकारी मिलने वाला है । रोज हम जब पूजा करते हैं तो कौन से भगवान को पूजा करना चाहिए और पूजा करने से क्या होता है ।

भगवान को पूजा आज इतने ज्यादा करें वह कम है और जितना कम करें वह ज्यादा है । आपको जब भी समय मिलता है आप भगवान को पूजा करें और प्रत्येक दिन करें इसे आपको और आपके परिवार के लिए भी के इशारे शुभ फल मिल सकता है । अगर आप चलते फिरते भी भगवान का नाम लेते हो तो इसे आपको उसी का भी शुभ फल प्राप्त होता है ।

अभी भगवान क सही तरीका से पूजा करना चाहते हो और वह मंत्रा को इस्तेमाल करके भगवान के अधूरी बनना चाहते हो तो आज हम वह बातें आपको बताने वाले हैं , उस इस विधि को आप फॉलो करके भगवान को पूजा करने से आपके सारे इच्छा पूरा होगा । साथ ही आपको भगवान को पूजा कैसे करें , घर में पूजा करने की विधि , पूजा करने की विधि हिंदी में और रोज की पूजा कैसे करें घर में किसकी पूजा करना चाहिए इन सभी के बारे में आज आपको पूरी जानकारी मिलने वाला है यह Puja Karne ka sahi Tarika

Puja Karne ka sahi Tarika
Bhagwan ko Puja Karne ka sahi Tarika Hindi mein

Bhagwan ko Puja Karne ka sahi tarika Kya Hai ?

भगवान को पूजा करने के लिए एक अच्छे मन का आवश्यकता होता है और आपके पास जो भी प्रसाद है आप उसी से है रोजाना भगवान का नाम ले और पूजा करें । भगवान को पूजा करने के लिए अब किसी भी मंत्र का जब कर सकते हो इसे आपके मन के लिए काफी सकारात्मक फल मिलने वाला है । अगर हम घर में अपने रोजाना भगवान का नाम लेकर पूजा करते हैं तो इसे हमारे घर के लिए भी शुभ माना जाता है और सकारात्मक फल मिलता है ।

अगर आप घर में कहीं भी पूजा का स्थान स्थापित कर रहे हैं , तो आपको कई सारे हैं बातों का ध्यान रखना चाहिए । रोजाना पूजा करने से हमारे घर में और हम पर खुशियों की बरसात होता है । पूजा करने समय हमें पंच देवता को रोज पूजा करना चाहिए वह कौन से देवता है , गणेश भगवान , सूर्य भगवान , भगवान शिव , विष्णु भगवान और मां दुर्गा ।

घर में किसकी पूजा करना चाहिए ?

घर में अगर आप पूजा करना चाहते हो तो श्री गणेश भगवान को भी पूजा कर सकती हो और इस भगवान को को सबसे पहले पूजा किया जाता है । तभी भगवान पूजा को शिकार करते हैं और आप को सुधार लाकर देते हैं ।‌ सूर्य देवता है जो कि ना पूरा हो का राजा माने जाते हैं हरियाणा पुत्र हमारे जीवन का अच्छे पूरे का विचार करते हैं और इसे सबसे फल देते हैं और यह Puja Karne ka sahi Tarika

भगवान शिव और विष्णु भगवान को हमारी रचयिता और पालनहार माने जाते हैं । दो उनकी पूजा भी हमें रोज करनी चाहिए साथी मां दुर्गा की पूजा सबसे अंत में की जाती है क्योंकि पो जगत जननी है । प्रतिदिन पूजा करते समय इन पंच देवता को ध्यान करना चाहिए और इसके अलावा कुलदेवता और पूर्वजों की भी जरूर प्रणाम करना चाहिए ।

दैनिक पूजा विधि मंत्र सहित ?

दैनिक पूजा करने के लिए सबसे पहले आपको भगवान को स्नान करना होगा उसके बाद धूप , दीप , चंदन और फूल चढ़ाना होगा । पंच अचार की पूजा करने के बाद हमें आरती का भी ध्यान रखना चाहिए और बहुत जरूर करना चाहिए । तुलसी की पूजा चलने के लिए आपको सबसे पहले हैं तुलसी के पत्ते लेकर भगवान को पूजा करने के समय देना है । अरे ऐसा कहा जाता है कि अगर आप तुलसी पूजा के समय और कितना ही करते हो तो भगवान को प्रसाद ग्रहण नहीं करते हैं ।

तुलसी की पूजा कैसे करें ?

तुलसी की पूजा करने से कहा जाता है भगवान आपकी मनोकामना जल्दी पूरा करते हैं । तुलसी पूजा करने के लिए भी कई सारे विधि बताई जा रहा है जैसे शिव जी , गणेश जी अरे भैरव जी को तुलसी नहीं चलानी चाहिए । तुलसी की पत्तियों का हो बिना स्नान के नहीं तोड़ना चाहिए । शास्त्र के अनुसार अगर कोई व्यक्ति विनाशनाम के तुलसी के पत्ते को चोदा है या तोड़ता है तो पूजा करने के बाद भगवान ऐसे पत्ते को स्वीकार नहीं करते हैं और यह Puja Karne ka sahi Tarika

तुलसी के पत्ते को 11 दिनों तक फांसी नहीं माना जाता है । इन पत्ते को जल से धोकर पुनर्वास भगवान को अर्पित किया जा सकता है । रविवार , एकादशी और द्वादशी के दिन संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं छोड़नी चाहिए ।

गंगाजल से पूजा कैसे करें ?

गंगाजल को आप कभी भी प्लास्टिक की बोतल या फिर किसी और पवित्रा धातु में हैं नहीं रखना चाहिए । गंगाजल को तांबे के पात्र में रखने से शुभ माना जाता है । रोज आप जब पूजा करते हैं तो उसमें थोड़ा सा गंगाजल भी रखे भगवान को स्नान कराएं और आप खुद के ऊपर भी थोड़ा सा गंगाजल जैसे दे इसे आपको कई सारे सुपौल मिल सकता है ।

दूब घास की पूजा करने की सही विधि ?

देवास को खासकर विशेष पूजा में इस्तेमाल किया जाता है ‌। दुकान जब हम पढ़ाई करते हैं तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मां दुर्गा को देवास नहीं चढ़ाई जाती है ‌। देखो खास गणेश भगवान की अति प्रिय है इसलिए दिवस को गणेश भगवान को अर्पित करना चाहिए । दों बॉस्को रविवार के दिन नहीं तोड़ना चाहिए और पूजा के समय हमें दीपक के साथ तो घास को चलाना चाहिए ।

दीपक जलाने की सही विधि क्या है ?

अब जब भी दीपक चलाते हो तो इसे है दो दीपक जलाए एक आपकी घी के दीपक होना चाहिए और एक तेल की । तेल कि दीपक से आप लाल रंग की इस्तेमाल करें जो कि बहुत ही अच्छा माना जाता है ‌। घी का दीपक हमें सुबह शाम जलाना चाहिए भगवान के सामने और आरती करना चाहिए ।

दीपक जलाने का कुछ बातें को ध्यान रखना चाहिए कि आप एक दीपक जलाते हो तो उसी दीपक से है दूसरा दीपक नहीं जलाई है । अगरबत्ती से दीपक ना जलाई है और दीपक से अगरबत्ती भी नहीं जलाए इसे शुभ नहीं माना जाता है । दीपक जलाने के बाद या आरती करने के बाद हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो हम लोटे में जल लिया हुआ है , उसी पानी से हमें एक से दो चम्मच हाथ पर लेकर हाथ को तो देना है और Bhagwan ko Puja kaise Kare .

घर में पूजा करने की विधि ?

Puja Karne ka sahi Tarika
Puja karne ka sahi tarika

घर में पूजा करने के समय जब हम आसन में बैठते हैं उस वक्त हमें कुछ खास बातें क्या ध्यान रखना चाहिए । पूजा करने समय हमें इस प्रकार का बैठना चाहिए कि हमारे मुख पूर्व की ओर हो और उत्तर की ओर हो । यही एकतीसा होता है जो पूजा करने के लिए सर्वश्रेष्ठ देख माना जाता है । जिस आसन से हम बैठकर पूजा करते हैं वह आसन आसन होना चाहिए जो बनाना चाहिए साथी बहुत लाल या पीले रंग की होना चाहिए ।

सुबह , शाम पूजा करने के फायदे ?

सुबह के पूजा आप 6:00 से 8:00 के बीच में ही करना है । ऐसे आपके मन शांत रहता है और पूजा करने का सही समय यह है । सुबह पूजा करने से हमें शुभ फल मिलता है साथी विदेशी अनुजाई सही तरह से पूजा करने से हमें कई सारे फायदे मिलता है । शाम में आप 5:00 से 6:00 के बीच में ही पूजा करिए इस समय पूजा करने से कई सारे शुभ फल मिलता है ।

पूजा के बाद क्या करना चाहिए ?

पूजा करने के बाद हमें के आरती का दीपक जरूर चलाना चाहिए । और आरती करते के समय में भी कुछ बातें का विशेष ध्यान रखना चाहिए और भगवान की चरणों का चार बार आरती करें । भगवान क‌ कम से कम 7 बार अधिक आना चाहिए इसे आपको कई सारे सुपौल के साथ फायदे मिलता है । समस्त पूजा और आरती खत्म होने के बाद आप जिस स्थान में खड़े हैं उसी स्थान में खड़े होकर आपको तीन परिक्रमा जरूर करना है और यह Puja Karne ka sahi Tarika ।

आप घर में पूजा करने समय सूर्य देव को क्या बेबी सॉन्ग अग्रवाल से पूजा ना करें । साधारण तक के घर है शाम को रोज बजाते हैं और इस बात की ध्यान रखना चाहिए कि स्त्रियां शंख ना बजाए । अगर पुरुष शंख बजाते हैं तो इस पवित्र होकर नहा धोकर संघ को पूरे मन से बजाना चाहिए । ऐसा करने से शुभ माना जाता है और पूजा सही तरह से पूरा होता है Bhagwan ko Puja Karne ka sahi Tarika

रोज की पूजा कैसे करें ?

रोज पूजा करने समय है आपको और स्नान होकर पूरी तरह से स्वस्थ होकर पूजा करना । जब भी आप पूजा करते हो आप बहुत अच्छा ना देना चाहिए इसे आपकी मनोकामना पूरा होता है । शास्त्र के अनुसार अगर आप पूजा करते हो तो शिवजी को बेलपत्र प्रिया है । ज्यादातर हम फूलों को हाथ से भगवान को अर्पित करते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए , आप जब भी फूल चढ़ाते हो तो एक पवित्र पात्र में फूल को रखें और उसके बाद आप देवी देवताओं को अर्पित करें और यह Bhagwan ko Puja Karne ka sahi Tarika Hai .

घर में आप जब पर पूजा करते हो तो इसमें आपको 1-3-5 इंच का ही मूर्तियां रखना चाहिए । खड़े हुए गणेश जी सरस्वती जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति घर में नहीं रखते हैं । हमेशा गणेश जी सरस्वती जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति बैठे हुए होना चाहिए । पूजा करने का समय भगवान को हम जब भी सिंदूर चंदन अर्पित करते हैं तो हमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ।

सरल पूजा विधि मंत्र क्या है ?

जितने भी तेरी है आप उनको सिंदूर अर्पित कर सकते हैं अरे साथ ही चंदन भी अर्पित कर सकते हैं । देवों के बीच में आप गणेश भगवान और हनुमान जी को सिंदूर अर्पित कर सकते हो । हमेशा सिंदूर और चंदा न लगे नहीं समाई अनामिका अंगुली का ही उपयोग करना चाहिए ऐसे आपको के सारे सुपौल मिलता है ।

Puja Karne ka sahi Tarika से जुड़े कुछ FAQS :-

Puja Karne ka Sahi Tarika Kya Hai ( पूजा करने की सही तरीका क्या है )

उत्तर : जब यह पूजा करते हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए आप हमेशा पूर्व थे कि नहीं मुंह करके पूजा करना चाहिए । एक बड़ी बात आपको ध्यान रखना चाहिए कि जो व्यक्ति पूजा कर रहा है उसके माथे पर तिलक होना चाहिए ।

पूजा की शुरुआत कैसे करें ?

उत्तर : जिसमें भगवान को आप पूजा करवाना चाहते हो सबसे पहले उन भगवानों को स्नान कराएं उसके बाद ही आप पूजा शुरू करें ।

पूजा करते समय क्या बोलना चाहिए ?

उत्तर : साधारण तो पूजा में क्षमा मांगने के लिए किया जाता है । मन में शांत होकर जिस भी भगवान को पूजा करते हो उनके नाम उच्चारण कीजिए ।

शाम को घंटे क्यों नहीं बजाना चाहिए ?

उत्तर : हिंदू धर्म के अनुसार यह माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद सारे भगवान शयन करते हैं और ऐसे में घंटी या संघ नहीं बजाना चाहिए ।

बिना नहाए पूजा किया जा सकता है क्या ?

उत्तर : भगवान को एक सच्चे मन से प्रार्थना करना चाहिए आप नहाए हो कि नहीं यह परमेश्वर को कुछ फर्क नहीं पड़ता है बस आपके मन शांत हो और पूजा करने से है सब सही होता है ।

शेष भाग ( Conclusion ) :

Bhagwan ko Puja karne ka Sahi tarika के साथ-साथ आज आप सभी को पूजा करने के मंत्र और पूजा करने की विधि हिंदी में जाने को मिला । भगवान को पूजा कैसे करें और पूजा करने की समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे हमें सुखपाल मिल सके ।

भगवान को घर में कैसे पूजा करें और इसके लिए क्या किया विधि को मानना चाहिए इन सभी के बारे में आज आपको पूरी तरह से जानकारी मिल चुका है । अगर आपको भी ही भगवान को पूजा करने की विधि पता था तो आप हमें कमेंट करके बताइए ।

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